हालोल में टेस्टोस्टेरोन टेस्ट: कब ज़रूरी है और कैसे तैयारी करें
City Pathology Laboratory, हालोल में टेस्टोस्टेरोन ब्लड टेस्ट की आसान जानकारी — डॉक्टर कब सलाह देते हैं, सैंपल का सही समय और रिपोर्ट कैसे समझें।
शरीर में टेस्टोस्टेरोन का काम
टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है जो पुरुषों में मुख्य रूप से टेस्टिस में और महिलाओं में बहुत कम मात्रा में ओवरी व एड्रिनल ग्रंथि में बनता है। पुरुषों में यह मांसपेशियों की ताकत, हड्डियों की मज़बूती, खून बनने, सेक्स इच्छा, शुक्राणु बनने और ऊर्जा से जुड़ा है।
उम्र, नींद, वज़न, बीमारी और कुछ दवाइयों से इसका स्तर बदलता है, इसलिए रिपोर्ट को हमेशा लक्षणों और डॉक्टर की जाँच के साथ ही समझना चाहिए।
डॉक्टर यह टेस्ट कब करवाते हैं
- पुरुषों में सेक्स इच्छा कम होना, इरेक्शन की समस्या, थकान, मांसपेशियाँ घटना या मूड में बदलाव।
- बांझपन की जाँच में, अक्सर सीमेन एनालिसिस के साथ।
- लड़कों में यौवन देर से या जल्दी आना।
- महिलाओं में अनियमित पीरियड, चेहरे या शरीर पर ज़्यादा बाल, मुँहासे या PCOS का शक।
- हार्मोन इलाज चल रहा हो तो उसकी निगरानी।
सैंपल की तैयारी
- सुबह 7 से 10 बजे के बीच सैंपल दें, जब टेस्टोस्टेरोन स्वाभाविक रूप से सबसे ज़्यादा होता है।
- पिछली रात पूरी नींद लें; टेस्ट से ठीक पहले भारी व्यायाम न करें।
- चल रही दवाइयों, स्टेरॉइड या सप्लीमेंट के बारे में ज़रूर बताएँ।
- कम रिपोर्ट आने पर डॉक्टर दोबारा सुबह का सैंपल करवा सकते हैं।
टोटल और फ्री टेस्टोस्टेरोन
खून में ज़्यादातर टेस्टोस्टेरोन SHBG जैसे प्रोटीन से जुड़ा रहता है। टोटल टेस्टोस्टेरोन सबसे पहले किया जाने वाला टेस्ट है। ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर फ्री टेस्टोस्टेरोन, SHBG, LH, FSH या प्रोलैक्टिन भी करवा सकते हैं।
सामान्य रेंज उम्र, लिंग और जाँच पद्धति के अनुसार बदलती है, इसलिए अपनी रिपोर्ट पर छपी रेंज देखें और डॉक्टर से चर्चा करें।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, निदान या इलाज की सलाह नहीं। अपनी रिपोर्ट अपने डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ।
